पीड़ा पीड़ा नहीं लगती ,
दुःख दुःख नहीं लगता
टूट रही इन सांसो को अब
और जोड़ने को मन नहीं करता
ये कैसा आभास है, क्या
मृत्य इतनी सुखमय है
विश्वास नहीं कर सकता
अगर ये विश्वास किसी
ने पहले दिलाया होता
तो मेरा भी देश आज़ाद होता!!
दुःख दुःख नहीं लगता
टूट रही इन सांसो को अब
और जोड़ने को मन नहीं करता
ये कैसा आभास है, क्या
मृत्य इतनी सुखमय है
विश्वास नहीं कर सकता
अगर ये विश्वास किसी
ने पहले दिलाया होता
तो मेरा भी देश आज़ाद होता!!
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