भूले-बिसरे
1.
न ही तुमने जिकर किया
न ही हमने जिरह की
लाजिम है की हम अब देखेंगे
न ही हमने जिरह की
लाजिम है की हम अब देखेंगे
2.
दुनिया की सारी जंगें
सब खुद के अंदर लड़ते हैं ।
बाहर तो बस
खून पसीने के किस्से
लिखते-पढ़ते-गढ़ते हैं ।
सब खुद के अंदर लड़ते हैं ।
बाहर तो बस
खून पसीने के किस्से
लिखते-पढ़ते-गढ़ते हैं ।
3.
तुम कहते हो की कुछ बात करो , बोलो तो
हज़ार बातें हैं , तुम सुन नहीं पाओगे
तुम कहते हो की गिले शिकवे , गिला करो
हज़ार शिकवे हैं तुम फिर न आओगे
हज़ार बातें हैं , तुम सुन नहीं पाओगे
तुम कहते हो की गिले शिकवे , गिला करो
हज़ार शिकवे हैं तुम फिर न आओगे
4.
तेरे होंठ बहुत खुश्क खुश्क रहते हैं
कभी तेरे लबो पे ताजी शायरी हुआ करती थी
ये तेरे होंठो पे तराने किसके हैं?
कभी तेरे लबो पे ताजी शायरी हुआ करती थी
ये तेरे होंठो पे तराने किसके हैं?