सवाल-जवाब
तुम ही उत्तर हो
हर एक प्रश्न का मेरे
नित नवीन शब्दों में पिरो
जिसे
हसरत से पूछा हमने
अब भी
जिज्ञासा से पिपासु हु
आश है
मेरे मन की पपड़ियो को
माघ पूष के बाद
फिर सावन आएगा
और तुम
तब तो बरसोगी?
कुछ नीर मिल जायेगा
इन नयनो को
प्रश्नों के पुलिंदो को
फिर
उम्मीद मिल जायेगा
पेश करेंगे फिर
तुमे हम
क्युकी
तुम ही उत्तर हो
हर एक प्रश्न का मेरे
नित नवीन शब्दों में पिरो
जिसे
हसरत से पूछा हमने
अब भी
जिज्ञासा से पिपासु हु
आश है
मेरे मन की पपड़ियो को
माघ पूष के बाद
फिर सावन आएगा
और तुम
तब तो बरसोगी?
कुछ नीर मिल जायेगा
इन नयनो को
प्रश्नों के पुलिंदो को
फिर
उम्मीद मिल जायेगा
पेश करेंगे फिर
तुमे हम
क्युकी
तुम ही उत्तर हो
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